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    लड़की के शादी के नाम पर लिए पैसा,फिर नौकरी दिलाने के नाम पर ठग लिया 5 लाख 10 हजार रुपए

    बक्सर अप टू डेट न्यूज़ :-पहले लड़की के शादी के नाम पर लिए पैसा, समयानुसार पैसों के मांग पर सचिवालय मे नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा 5 लाख 10 हजार रुपए...

    मामले मे मुफसिल थाना में 23.06.2018 को एफ.आई.आर दर्ज कराएगा था. जिसका केस नंबर 182/2018 दर्ज है.

    मेरे दूरदराज के संबंधी एकराम पाठक, सियाराम पाठक,शत्रुघन पाठक, सभी पिता स्व. भरत जी पाठक, अंजनी पाठक पिता - एकराम पाठक सभी साकिम नियाजीपुर, (तिसरिया के डेरा) थाना सिमरी जिला बक्सर के हैं. नजदीकी और विशेष आने जाने से काफी मधुर संबंध हो गया. एकराम पाठक, सियाराम पाठक, शत्रुघ्न पाठक, अंजनी पाठक सभी मेरे घर जगदीशपुर आए बोले कि मेरी बेटी, भतीजी, बहन नेहा कुमारी पिता - शत्रुघ्न पाठक की शादी दिनांक 23.11.2017 को है. शादी के लिए पैसे कम पड़ रहे हैं. आप मेरे अच्छे संबंधी में से एक है. कृपया मेरी मदद कीजिए. शत्रुघ्न पाठक जोर देकर बोले कि बीएसएफ में नौकरी करता हूं पैसे लौटाने में कोई भी दिक्कत परेशानी नहीं होगी. मुझे 5 लाख 10 हजार दीजिए. परिवार के आपसी सहमति के बाद 40 हजार रुपये नगद गोपाल जी पांडे पिता- ललन जी पांडे साकिम बडका राजपुर थाना सिमरी जिला बक्सर प्रवीण रंजन पराशर पिता स्व. कामतानाथ ओझा ग्राम के खेखसी थाना इटाढी के समक्ष दिया गया और बाकी पैसा  आईडीबीआई बैंक बक्सर अपने खाता संख्या- 1539104000176996 से दिनांक 18.11.2017 को 40 हजार एवं दिनांक
     10.11.2017 को 40 हजार अपने दूसरे खाता संख्या एसबीआई-20396186528 एवं दिनांक- 13.11.2017 30 हजार एकराम पाठक के खाता एसबीआई सिमरी खाता संख्या- 20396228027 मे ट्रांसफर कर दिया कुल मिलाकर 5 लाख 10 हजार इन लोगों को दिया गया.

    समयानुसार मैंने अपने दिए हुए रकम की मांग की तो एकराम पाठक, सियाराम पाठक, शत्रुघ्न पाठक और अंजनी पाठक बोले की अभी हम लोगों के पास पैसा नहीं है. इसके एवज मे आपका भाई राकेश कुमार तिवारी पिता श्री राधेश्याम तिवारी पढ़ा लिखा एवं बेरोजगार नवयुवक है. हम लोग उनका नौकरी सचिवालय पटना में लगवा देते हैं. कुछ ही दिनों बाद उन लोगों ने भाई राकेश तिवारी के नाम नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री सचिवालय 4 केजी लेखा शाखा पटना के नाम से भेजा गया. जिसमें 27.11.2017 को योगदान देने की तिथि अंकित किया गया था. उक्त तिथि के अनुसार वहां जाने पर नियुक्ति पत्र जाली करार दिया गया. फर्जी नियुक्ति पत्र की बात एवं अपने पैसे की मांग पर वह लोग आग बबूला हो गए. बोले कि तुमको जहां जाना है जाओ तुम्हारा पैसा वापस नहीं करूंगा. फर्जी नियुक्ति मामला में अंजनी पाठक पिता एकराम पाठक थाना +जनपद चंदौली उत्तर प्रदेश जेल भी गए हैं.

    जालसाजी एवं ठगी के आरोप में मुफसिल थाना में इन लोगों के ऊपर दिनांक 23.06.2018 को मुकदमा दर्ज कराया गया. जिसका केस नंबर 182/2018 है उसी मुकदमे को सुलह कराने के नियत से इन लोगों ने सिमरी थाना में राकेश तिवारी एवं इनके भाई के ऊपर मुकदमा दर्ज कराया है जो कि सरासर गलत है एवं यह लोग जालसाज प्रवृत्ति के इंसान हैं. जालसाजी एवं ठगी करना ही इनका पेशा है.

    मुफसिल थाना कांड सं. 182/2018 में मामले को सही करार देते हुए इनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट भी जारी किया गया था.

    खुद थाने में ना जाकर महिला से मुकदमा करवाया गया ताकि पूर्व में राकेश तिवारी एवं उनके भाई द्वारा किए गए मुकदमे को सुलह किया जा सके.
    https://drive.google.com/file/d/1R8rvtPijg0C4duKxbK6hUoCoqtU3ZuQ5/view