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    अश्लील गाने बजने से बाहर जाना हो रहा है दूभर, शर्मिंदगी का हो रहा एहसास

    बक्सर अप टू डेट न्यूज़ :-रोड पर चलनेवाली तमाम सवारी गाड़ियों में अ‍श्‍लील गाना बजने से महिलाओं एवं युवतियों सहित अन्य यात्री को चलना मुश्किल हो गया है. परिवहन विभाग के नियम के विरुद्ध गाने बजाये जाते है. अधिक साउंड में अ‍श्‍लील गाना बजने के कारण वाहन दुर्घटना भी होने की आशंका बनी रहती है. दिन प्रतिदिन द्विअर्थी गाने बजाने की प्रवृत्ति बढ़ने से हर तरह के यात्रियों को परेशानी होती है.
      जिले की सभी मुख्य सड़कों एवं ख़ास कर गांव के सड़को पर चलने वाल ट्रेक्टर, टेंपो,जीप एवं अन्य सवारी वाहनों में लगातार तेज आवाज में अ‍श्‍लील गाने बजाये जाते हैं. इससे ध्वनि प्रदूषण भी फैलता है. परिवहन विभाग के नियम के प्रतिकूल वाहन चालक चलते पर हैं, परंतु कभी कार्रवाई नहीं की जाती.
    छात्रसंघ उपाध्यक्ष सूर्यजीत सिंह ने कहा कि अ‍श्‍लील गाना बजाने पर रोक लगनी चाहिए. सफर करने के वक्त किसी तरह का गाना तेज आवाज में बजने से हादसे का भय बना रहता है. अ‍श्‍लील गानों की रिलीज पर ही रोक लगनी चाहिए. प्रशासनिक अधिकारियों को बस चालकों के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए.
    जदयू डुमराँव प्रखंड अध्यक्ष बबलू शर्मा ने कहा की खास कर भोजपुरी फिल्मों के निर्माता व निदेशकों को अ‍श्‍लील गानों की रिलीज पर रोक लगानी चाहिए. भारत की सभ्यता संस्कृति के अनुरूप गाना लिखा जाना चाहिए. द्विअर्थी कैसेट बाजार में आ जाते हैं. प्रशासन को वैसे कैसेटों के खुलेआम बजाने पर रोक लगानी चाहिए.
    आपको बताते चलें कि आज-कल बिहार मे भोजपुरी में अश्लील गानों का इस कदर बोलबाला हो गया है कि अश्लील गानों सुनने के बाद तो खुद में इतनी शर्मिंदगी महसूस होती है कि लगता है क्या करूँ। डीजे के नाम पर दिल में दर्द देने वाली आवाज़ और ऊपर से उसी गानों पर नशे में लोग झूम उठते हैं। जिन अश्लील भोजपुरिया गानों पर ठुमके लगाये जाते हैं वे महिलाओं के कानों में भी पड़ते हैं। लेकिन कोई आवाज नहीं उठाता है। सुबह उठो तो यात्री बस में ये गाने सुनने को मिल जायेगा। भोजपुरी गाने जैसे लईका चिल्लासन माल मारे, रखले बानी पुलिस दरोगा हवलदार जैसे तमाम वाहियात गाने हमारे समाज में जहर घोल रहा है।प्रशासन सिर्फ फरमान सुनाती है जिसे सख्ती से लागू करना चाहिए।हमारा समाज व्यावहारिकता के नाम कितना खोखला होता जा रहा है। बस नौटंकी शैली बाक़ी है। आप इन गानों से गुज़रते हुए अलग दुनिया में चले जाते हैं। हमारी नज़रों से अनजान यह दुनिया चुपचाप फलफूल रही है। इसका अपना एक स्वतंत्र बाज़ार है। भोजपुरी गानों की अश्लीलता और भौंडापन गंभीर समस्या है। सारे गाने ऐसे तो नही हैं पर भोजपुरी सिनेमा इस जाल में फंस चुका है। जबकि सरकार से लेकर समाज को इससे कोई सरोकार नहीं है।
    https://drive.google.com/file/d/1R8rvtPijg0C4duKxbK6hUoCoqtU3ZuQ5/view